भारतीय समाज की जनसांख्यिकीय संरचना समाजशास्त्र कक्षा 12 अध्याय 2 | Class 12 Sociology Chapter 2 NCERT Solutions in Hindi

जनसांख्यिकी: 

जन संख्या का सुव्यवस्थित अध्ययन जनांकिकी कहलाता है। इसका अंग्रेजी शब्द डेमोग्राफी है जिसकी उत्पत्ति यूनानी भाषा के दो शब्द ‘डेमोस’ यानि लोग तथा ‘ग्राफीन’ यानि लोगों का वर्णन होता है। 
यह जन्म, मृत्यु, प्रवसन, लिंग अनुपात आदि का अध्ययन कराता है।

जनांकिकी के मुख्य दो:

आकारिक जनसांख्यिकी : इसमें जनसँख्या के आकार का अध्ययन किया जाता है।
सामाजिक जनसांख्यिकी : इसमें जनसँख्या के सामाजिक, आर्थिक व् राजनीतिक पक्षों पर विचार किया जाता है। सामाजिक जनसांख्यिकी आकड़ें राज्य की नीतियाँ जैसे आर्थिक विकास, जनकल्याण संबंधी नीतियाँ बनाने व् कार्यान्वित करने के लिए मत्वपूर्ण हैं।

थामस रोवर्ट माल्थस का जनसँख्या वृद्धि का सिद्धांत : ( 1766 – 1834)

  • जनसँख्या ज्यामितिक अनुपात से बढ़ती है। जैसे – 2, 4, 8, 16, 32
  • खाद्य उत्पादक में वृद्धि गणितीय ( समरंतर ) रूप से होती है। जैसे – 2, 4, 6, 8, 10 आदि।
  • इससे जनसँख्या व् खाद्य सामग्री में असंतुलन पैदा होता है।
  • समृद्धि बढ़ाने के लिए जनसँख्या वृद्धि को नियंत्रित किया जाए। माल्थस ने जनसँख्या नियंत्रण के दो प्रकारों के प्रतिबंध का उल्लेख किया है-
    1. प्राकृतिक निरोध/ अवरोध : जैसे अकाल, भूकंप, बाढ़, युद्ध बीमारी आदि।
    2. कृतिम निरोध / अवरोध : जैसे बड़ी उम्र में विवाह, यौन संयम, ब्रमचर्य का पालन आदि।
  • माल्थस के सिद्धांत विरोध : आर्थिक वृद्धि जनसँख्या वृद्धि से अधिक हो सकती है। जैसे की यूरोप के देशों में हुआ है। गरीबी व् भुखमरी जनसँख्या वृद्धि के बाजए आर्थिक संसाधनों के असमान वितरण के कारन फैलती है।

जनसांख्यिकी संक्रमण का सिद्धांत :

  • जनसँख्या वृद्धि आर्थिक विकास के समग्र स्तरों से जुड़ी होती है। जनसँख्या वृद्धि के तीन बुनियादी चरण निम्नलिखित है:
    1. पहला चरण है समाज में जनसँख्या वृद्धि का कम होना क्योंकि समाज तकनिकी दृष्टि से पिछड़ा होता है। इस कारन जन्म और मृत्यु दर दोनों बहुत ऊँचीं होती है।
    2. जनसँख्या विस्फोट संक्रमण अवधि में होता है, क्योंकि समाज पिछड़ी अवस्था से उन्नत अवस्था में जाता है, इस दौरान जनसँख्या वृद्धि की दरें बहुत ऊँची हो जाती है।
    3. तीसरी चरण में भी विकसित समाज में जनसँख्या वृद्धि दर नीची रहती है क्योंकि ऐसे समाज में मृत्यु दर और जन्म दर दोनों ही काफी कम हो जाती है।

सामान्य कल्पनाएँ व् संकेतक:

  • जन्म दर : एक वर्ष में प्रति हजार व्यक्तियों पर जीवन जीवित जन्मे बच्चों की संख्या जन्म दर कहलाती है।
  • मृत्य दर : क्षेत्र विशेष में प्रति हजार व्यक्तियों में मृत व्यक्तियों की संख्या मृत्यु दर कहलाती है।
  • प्राकृतिक वृद्धि दर या जनसँख्या वृद्धि दर : जन्म दर और मृत्यु दर के बीच का अंतर होता है।
  • प्रजनन दर : बच्चे पैदा कर सकने की आयु (जो आमतौर पर 15 से 49 वर्ष की मानी जाती है) वाली प्रति 1000 स्त्रियों की इकाई के पीछे जीवित जन्में बच्चों की संख्या।
  • शिशु मृत्यु दर : जीवित पैदा हुए 1000 बच्चों में से एक वर्ष की आयु से पहले मृत बच्चों की संख्या। 
  • मातृ मृत्यु दर : एक हजार शिशु जन्मों पर जन्म देकर मरने वाली महिलाओं की संख्या। 
  • लिंग अनुपर : प्रतिहजार पुरुषों पर निश्चित अविधि के दौरान स्त्रियों की संख्या ( किसी विशेष क्षेत्र में ).
  • पराश्रितता अनुपात : जनसँख्या का वह अनुपात जो जीवन यापन के लिए कार्यशील जनसँख्या पर आश्रित है। इसमें कार्यशील वर्ग 15 से 64 वर्ग की आयु वाले होते है। बच्चे और बुजुर्ग पराश्रित होते है।

भारत में जन्म तथा मृत्यु दर : जन्मदर एक ऐसी सामाजिक- सांस्कृतिक प्रघटना है जिसमे परिवर्तन अपेक्षाकृत धीमी गति से आता है। हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल, कर्णाटक, तथा महाराष्ट्र की कुल प्रजनन दरें काफी कम है। बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान व् उत्तर प्रदेश में प्रजनन दर बहुत ऊँची है। 

भारतीय जनसँख्या की आयु संरचना : अधिकांश भारतीय युवा अवस्था में है। केरल ने विकसित देशों की आयु संरचना की स्थिति प्राप्त कर ली है। उत्तर प्रदेश में युवा वर्ग का अनुपात अधिक है तथा वृद्धों का अनुपात कम है।

स्त्री- पुरुष अनुपात : भारत में स्त्री- पुरुष अनुपात गिरता रहा है। इसका कारन है लिंग विशेष का गर्भपात, बालिका शिशुओं की हत्या, बाल विवाह तथा पौष्टिक भोजन न मिलाना। देश के विभिन्न हिस्सों में स्त्री – पुरुष अनुपात भिन्न – भिन्न है। केरल राज्य में सबसे अधिक और हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में सबसे कम है।

जानघनत्व : जनघनत्व से तातपर्य प्रति वर्ग किलोमीटर में निवेश करने वाले मनुष्यों की संख्या से लगया जाता है। भारत में बढाती हुयी जनसँख्या के कारन जान घनत्व भी बढ़ रहा है।

  • हक़दारी की पूर्ति का आभाव : अमर्त्य से एवं अनेक विद्वानों ने दर्शाया है कि अकाल अनाज के उत्पादन में गिरावट आने कारन ही नहीं अपितु हक़दारी कि पूर्ति का आभाव या भोजन खरीदने या किसी तरह से प्राप्त करने कि लोगों कि अक्षमता के कारन भी अकाल पड़ते रहे है। इसलिए सरकार ने भूख और भुखमरी कि समस्या के समाधान के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (NREGA) नाम का एक कानून बनाया है।

साक्षरता : साक्षरता शक्ति संपन्न होने का साधन है। साक्षरता अर्थव्यवस्था में सुधर, स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता व् कल्याण कार्यों में सहभागिता बढाती है। केरल साक्षरता में आगे है जबकि बिहार राज्य सबसे पीछे है। अनुसूचित जातियों व अन्य जनजातियों में साक्षरता दर और भी नीची है।

ग्रामीण- नगरीय विभिन्नताएँ :

भारत को गांवों का देश कहा जाता है। नगर ग्रामीणों के लिए आकर्षक स्थान बन रहे है। गांव के लोग रोजगार कि दृष्टि से नगरों कि और पलायन कर रहें है।
रेडिओ, टेलीविज़न, समाचार पत्र जैसे जनसम्पर्क एवं जनसंचार के साधन अब ग्रामीण क्षत्रों में रहने वाले लोगों के समक्ष नगरीय जीवन शैली तथा उपभोग के स्वरूपों कि तस्वीरें पेश कर रहें है। परिणाम स्वरुप दूर दराज के गावों में रहने वाले लोग नगरीय तड़क- भड़क और सुख- सुविधाओं से सुपरिचित हो जातें है उनमें भी वैसा ही उपभोपूर्ण जीवन जीने कि लालसा उत्पन्न हो जाती है।
राष्ट्रीय परिवार नियोजन कार्यक्रम इसलिए शुरू किया गया कि जनसँख्या वृद्धि नियंत्रण किया जा सकें। इसमें जन्म नियंत्रण के विभिन्न उपाय बनायें गए। पुरुषों के लिए नसबंदी और महिलाओं के लिए नलिकाबन्दी कार्यक्रम से (1975-1976) राष्ट्रीय आपातकाल में परिवार नियोजन कार्यक्रम को गहरा धक्का लगा। नई सरकार ने इसे राष्ट्रीय परिवार कल्याण कार्यक्रम का नाम दिया।

MCQ प्रश्न उत्तर : भारतीय समाज की जनसांख्यिकीय संरचना 

1. जनांकिकी विज्ञान है-
(a) पर्यावरण का अध्ययन
(b) जनसँख्या अध्ययन का
(c) वन अध्ययन का 
(d) जल अध्ययन का 

2. जनांकिकी शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग किसने किया?
(a) माल्थस 
(b) सोरोकिन 
(c) बार्कले
(d) गुडलार्ड

3. 2011 की जनगणना के अनुसार भारत में प्रति 1000 पुरुष पर स्त्रियों की संख्या क्या है?
(a) 967
(b) 927
(c) 943
(d) 955

4. स्त्री- पुरुष अनुपात किस राज्य में सबसे कम है?
(a) बिहार 
(b) पश्चिम बंगाल 
(c) पंजाब
(d) तमिलनाडु 

5. वृद्धों के लिए राष्ट्रीय नीति की घोषणा कब की गयी?
(a) 1999
(b) 1998
(c) 1997
(d) 2000

6. किस राज्य में साक्षरता दर सबसे ज्यादा है?
(a) बिहार 
(b) केरल
(c) उत्तरप्रदेश 
(d) छत्तीसगढ़ 

7. भारत के किस राज्य में साक्षरता दर सबसे कम है?
(a) उत्तर प्रदेश 
(b) झारखण्ड 
(c) मध्यप्रदेश 
(d) बिहार

8. कौन – सी परिस्थिति जनसख्या वृद्धि के लिए उत्तरदायी है?
(a) सामाजिक मूल्य 
(b) जीवन पद्धति
(c) शैक्षणिक स्तर
(d) आर्थिक विकास 

9. नयी राष्ट्रीय जनसँख्या वृद्धि के लिए उत्तरदायी है:
(a) 1990
(b) 1999
(c) 2000
(d) 2001

10. 1951 की जनगणना के समय भारत की कुल जनसँख्या थी- 
(a) 32 करोड़ 
(b) 36 करोड़
(c) 43 करोड़ 
(d) 47 करोड़ 

11. निम्न में से भारत के किस राज्य में ईसाईयों की संख्या सर्वाधिक है?
(a) बिहार 
(b) मध्यप्रदेश 
(c) तमिलनाडु 
(d) केरल

12. भारत के ग्रामीण समुदाय का अध्ययन निम्न में से किस समाजशास्त्री ने किया है- 
(a) ऐo केo कापड़िया
(b) इरावती कर्वे 
(c) टीo ऐo मदान
(d) ऐo सीo दुबे

13. ” गाँव एक लघु गणराज्य है।” किसने कहा।
(a) मेटकाफ
(b) ऐo आरo देसाई 
(c) कार्ल मार्क्स 
(d) महात्मा गाँधी 

14. जनगणना 2011 के अनुसार सर्वाधिक जनसँख्या वाला राज्य कौन – सा है?
(a) महाराष्ट्र 
(b) उत्तरप्रदेश
(c) पश्चिम बंगाल 
(d) तमिलनाडु 

15. क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत का सबसे बड़ा राज्य है-
(a) बिहार 
(b) पश्चिम बंगाल 
(c) उत्तरप्रदेश  
(d) राजस्थान

16. क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत का सबसे छोटा राज्य है-
(a) गुजरात 
(b) नागालैंड 
(c) गोवा
(d) झारखण्ड 

रिक्त स्थानों की पूर्ति करें: Fill in the blacks (भारतीय समाज की जनसांख्यिकीय संरचना)

  1. भारत में राष्ट्रीय जनसँख्या आयोग के अध्यक्ष    प्रधानमंत्री    है।
  2. भारत में परिवार नियोजन कर्यक्रम सन   1952      से लागु से लागु किया गया।
  3. जो ग्राम नगर के बाहरी सीमा से जुड़े होते है, उन्हें      उप- नगरीय    गाँव कहा जाता है।
  4.     नगर    सामाजिक विभिन्नता का क्षेत्र है।
  5. नगरों में आज    मध्य वर्ग     सबसे अधिक जागरूक वर्ग है।

महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर (भारतीय समाज की जनसांख्यिकीय संरचना)

प्रश्न: जनांकिकी से क्या अभिप्राय?
उत्तर: जनांकिकी वह विज्ञान है जो किसी समाज की जनसंख्या तथा उससे सम्बंधित विभिन्न पहलुओं का तार्किक एवं व्यवस्थित अध्ययन करता है।

प्रश्न: सामाजिक जनांकिकी क्या है?
उत्तर: इसमें जनसँख्या के सामाजिक, आर्थिक व् राजनीतिक पक्षों पर विचार किया जाता है। सामाजिक जनसांख्यिकी आकड़ें राज्य की नीतियाँ जैसे आर्थिक विकास, जनकल्याण संबंधी नीतियाँ बनाने व् कार्यान्वित करने के लिए मत्वपूर्ण हैं।

प्रश्न: औपचारिक जनांकिकी से आप क्या समझते है?
उत्तर: जन्म, मृत्यु, प्रवास, विवाह, तलाक आदि से संबंधित महत्वपूर्ण आकड़ों या घटनों का गणितीय अध्ययन औपचारिक जनांकिकी कहलाता है।

प्रश्न: जनसंख्या संरचना से आप क्या समझते है?
उत्तर: किसी देश की जनसंख्या संरचना का तात्पर्य उस देश की जनसंख्या का वितरण, जनसंख्या में वृद्धि या ह्रास, जनसंख्या का घनत्व, प्रवासिता, साक्षरता, आयु- वर्ग, लिंग- अनुपात आदि से है। जनसंख्या संरचना किसी देश का व्यष्टिगत चित्र प्रस्तुत करती है।

संपादन जरी है…………………