Best Carbon evan uske Yaugik Notes: Class 10 Science Chapter 4

1. Intro: Carbon evan uske Yaugik

Carbon evan uske Yaugik प्रिय विद्यार्थियों! JPathshala पर आपका स्वागत है। JAC बोर्ड 2026-27 के नए पाठ्यक्रम के अनुसार, आज हम कक्षा 10 विज्ञान का चौथा अध्याय Carbon and its Compounds (कार्बन एवं उसके यौगिक) विस्तार से समझेंगे। भोजन, कपड़े, दवाइयाँ, पुस्तकें—यहाँ तक कि हमारा शरीर भी कार्बन पर ही आधारित है। भूपर्पटी में केवल 0.02% और वायुमंडल में 0.03% कार्बन होने के बावजूद, इसका महत्व बहुत अधिक है। इस पोस्ट में हम Rank Math SEO के मानकों को ध्यान में रखते हुए पूरे अध्याय के महत्वपूर्ण नोट्स, 1 अंक स्तरीय प्रश्न, बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) और परीक्षा के लिए उपयोगी वर्णनात्मक प्रश्न-उत्तर कवर करेंगे।

2. Complete Notes

कार्बन में आबंधन: सहसंयोजी आबंध (Covalent Bond)

कार्बन की परमाणु संख्या 6 है और इसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 4 होता है। इसकी बाहरी कक्षा में 4 इलेक्ट्रॉन होते हैं (अर्थात इसकी संयोजकता 4 है)।

  • उत्कृष्ट गैस विन्यास प्राप्त करने के लिए इसे 4 इलेक्ट्रॉन प्राप्त करने (C4- ऋणायन) या 4 इलेक्ट्रॉन खोने (C4+ धनायन) की आवश्यकता होती है, जो अत्यधिक ऊर्जा की आवश्यकता के कारण बहुत कठिन है।
  • इसलिए, कार्बन अपने या अन्य तत्वों के परमाणुओं के साथ इलेक्ट्रॉनों की साझेदारी (Sharing) करके सहसंयोजी आबंध बनाता है।

कार्बन की सर्वतोमुखी प्रकृति (Versatile Nature of Carbon)

हमारे चारों ओर कार्बन यौगिकों की विशाल संख्या मौजूद है, इसके दो मुख्य कारण हैं:

  • श्रृंखलन (Catenation): कार्बन में कार्बन के ही अन्य परमाणुओं के साथ आबंध बनाने की अद्वितीय क्षमता होती है, जिससे लंबी श्रृंखला वाले अणु बनते हैं।
  • चतुःसंयोजकता (Tetravalency): कार्बन की संयोजकता 4 है। यह कार्बन के 4 अन्य परमाणुओं या ऑक्सीजन, हाइड्रोजन, नाइट्रोजन आदि के साथ आसानी से आबंध बना सकता है।

कार्बन के अपरूप (Allotropes of Carbon)

  • हीरा (Diamond): यह सबसे कठोर प्राकृतिक पदार्थ है। यह विद्युत का कुचालक होता है। इसमें प्रत्येक कार्बन परमाणु 4 अन्य कार्बन परमाणुओं से जुड़ा होता है।
  • ग्रेफाइट (Graphite): यह मुलायम और चिकना होता है। यह विद्युत का सुचालक होता है। इसका उपयोग पेंसिल की लीड बनाने में होता है।
  • फुलरिन (Fullerene): यह कार्बन का एक अन्य अपरूप है। C-60 सबसे पहला पहचाना गया फुलरिन है, जिसकी आकृति फुटबॉल जैसी होती है।

हाइड्रोकार्बन (Hydrocarbons)

केवल कार्बन और हाइड्रोजन से बने यौगिकों को हाइड्रोकार्बन कहते हैं। ये मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं:

  • संतृप्त (Saturated): जिनमें कार्बन परमाणुओं के बीच केवल एकल आबंध (Single Bond) होता है। इन्हें एल्केन (Alkane) कहते हैं। सामान्य सूत्र: CnH2n+2
  • असंतृप्त (Unsaturated): जिनमें कार्बन परमाणुओं के बीच द्वि-आबंध (Double) या त्रि-आबंध (Triple Bond) होता है। द्वि-आबंध वालों को एल्कीन (Alkene, सूत्र: CnH2n) और त्रि-आबंध वालों को एल्काइन (Alkyne, सूत्र: CnH2n-2) कहते हैं।

प्रकार्यात्मक समूह (Functional Groups)

हाइड्रोकार्बन श्रृंखला में हाइड्रोजन को प्रतिस्थापित करने वाले विषम परमाणु (जैसे ऑक्सीजन, नाइट्रोजन, हैलोजन) जो यौगिक को विशिष्ट गुण प्रदान करते हैं, प्रकार्यात्मक समूह कहलाते हैं।

  • हैलोजन: क्लोरो (-Cl), ब्रोमो (-Br)
  • ऐल्कोहॉल (Alcohol): -OH
  • ऐल्डिहाइड (Aldehyde): -CHO
  • कीटोन (Ketone): -CO-
  • कार्बोक्सिलिक अम्ल (Carboxylic Acid): -COOH

समजातीय श्रेणी (Homologous Series)

यौगिकों की ऐसी श्रृंखला जिसमें एक ही प्रकार्यात्मक समूह होता है और जिसके किन्हीं भी दो क्रमागत सदस्यों के आणविक सूत्रों के बीच -CH2 का अंतर होता है। (जैसे: मेथेन CH4, एथेन C2H6, प्रोपेन C3H8)।

कार्बन यौगिकों के रासायनिक गुणधर्म

  • दहन (Combustion): कार्बन यौगिक ऑक्सीजन में जलकर CO2, ऊष्मा और प्रकाश उत्पन्न करते हैं।
  • ऑक्सीकरण (Oxidation): क्षारीय KMnO4 की उपस्थिति में ऐल्कोहॉल, कार्बोक्सिलिक अम्ल में बदल जाते हैं।
  • संकलन (Addition): पैलेडियम या निकेल जैसे उत्प्रेरकों की उपस्थिति में असंतृप्त हाइड्रोकार्बन में हाइड्रोजन जोड़कर संतृप्त हाइड्रोकार्बन बनाया जाता है (हाइड्रोजनीकरण)।
  • प्रतिस्थापन (Substitution): सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में क्लोरीन, संतृप्त हाइड्रोकार्बन से हाइड्रोजन को एक-एक करके हटा देती है।

साबुन और अपमार्जक (Soaps and Detergents)

  • साबुन: यह लंबी श्रृंखला वाले कार्बोक्सिलिक अम्लों के सोडियम या पोटैशियम लवण होते हैं। यह कठोर जल में अच्छी तरह काम नहीं करते।
  • अपमार्जक: यह सल्फॉनिक अम्लों के सोडियम लवण होते हैं। ये कठोर जल में भी आसानी से झाग बनाते हैं।
  • मिसेल (Micelle): साबुन के अणुओं का वह गोलाकार गुच्छा, जिसका जलरागी सिरा (Hydrophilic) पानी की ओर और जलविरागी सिरा (Hydrophobic) मैल या तेल की ओर होता है। यही मिसेल कपड़े साफ करने में मदद करता है।

1 अंक स्तरीय प्रश्न तथा उत्तर (1 Mark Questions)

Q.1. एल्केन का सामान्य सूत्र क्या है?
Ans: CnH2n+2
Q.2. एल्कीन का सामान्य सूत्र लिखें।
Ans: CnH2n
Q.3. संपीडित प्राकृतिक गैस (CNG) का मुख्य घटक क्या है?
Ans: मीथेन (Methane)
Q.4. एल्काइन का सामान्य सूत्र लिखें।
Ans: CnH2n-2
Q.5. एक त्रिआबंध युक्त असंतृप्त हाइड्रोकार्बन का नाम लिखें।
Ans: एथाइन (C2H2)
Q.6. कार्बन की संयोजकता क्या है?
Ans: 4
Q.7. पेन्टेन से उत्पन्न एल्कोहल का आणविक सूत्र लिखें।
Ans: C5H11OH
Q.8. कार्बन की परमाणु संख्या क्या है?
Ans: 6
Q.9. कार्बन का कौन सा अपरूप विद्युत का कुचालक होता है?
Ans: हीरा (Diamond) – (ग्रेफाइट सुचालक होता है)
Q.10. भूपर्पटी में कार्बन की प्रतिशत मात्रा क्या है?
Ans: 0.02%
Q.11. कार्बन के कितने मुख्य अपरूप हैं?
Ans: 2 (मुख्य रूप से)
Q.12. कार्बन के दो मुख्य अपरूपों के नाम बताएं।
Ans: हीरा तथा ग्रेफ़ाइट
Q.13. तीन कार्बन परमाणुओं वाली एल्केन का नाम बताएं।
Ans: प्रोपेन (Propane)
Q.14. एथेन कौन सा हाइड्रोकार्बन है?
Ans: संतृप्त हाइड्रोकार्बन
Q.15. एथाइन किस प्रकार का हाइड्रोकार्बन है?
Ans: असंतृप्त हाइड्रोकार्बन
Q.16. मिथेन किस प्रकार का हाइड्रोकार्बन है?
Ans: संतृप्त हाइड्रोकार्बन
Q.17. ब्यूटेन के कितने समावयव (Isomers) होते हैं?
Ans: 2
Q.18. संकलन अभिक्रिया किस हाइड्रोकार्बन में होती है?
Ans: असंतृप्त हाइड्रोकार्बन में
Q.19. मिथेन तथा क्लोरीन के बीच होने वाली अभिक्रिया को क्या कहते हैं?
Ans: प्रतिस्थापन अभिक्रिया (Substitution Reaction)
Q.20. नाइट्रोजन के अणु में कौन सा आबंध होता है?
Ans: त्रिआबंध (Triple Bond)
Q.21. किण्वन (Fermentation) प्रक्रिया में कौन सी गैस निकलती है?
Ans: CO2 (कार्बन डाइऑक्साइड)
Q.22. हाइड्रोजनीकरण में किस उत्प्रेरक का उपयोग किया जाता है?
Ans: निकेल (Nickel) या पैलेडियम
Q.23. बेन्जीन का अणुसूत्र लिखें।
Ans: C6H6

बहुविकल्पीय प्रश्न (15 MCQs)

Q1. एथेन का आणविक सूत्र C2H6 है। इसमें कितने सहसंयोजक आबंध हैं?
(a) 6 सहसंयोजक आबंध | (b) 7 सहसंयोजक आबंध | (c) 8 सहसंयोजक आबंध | (d) 9 सहसंयोजक आबंध
Answer: (b) 7 सहसंयोजक आबंध
Q2. ब्यूटेनोन चर्तु-कार्बन यौगिक है जिसका प्रकार्यात्मक समूह (Functional group) है:
(a) कार्बोक्सिलिक अम्ल | (b) ऐल्डिहाइड | (c) कीटोन | (d) ऐल्कोहॉल
Answer: (c) कीटोन
Q3. खाना बनाते समय यदि बर्तन की तली बाहर से काली हो रही है तो इसका मतलब है कि:
(a) भोजन पूरी तरह नहीं पका है | (b) ईंधन पूरी तरह नहीं जल रहा है | (c) ईंधन आर्द्र है | (d) ईंधन पूरी तरह से जल रहा है
Answer: (b) ईंधन पूरी तरह नहीं जल रहा है
Q4. सरलतम हाइड्रोकार्बन कौन सा है?
(a) मीथेन | (b) इथेन | (c) प्रोपेन | (d) ब्यूटेन
Answer: (a) मीथेन
Q5. कार्बन हाइड्रोजन से संयोग कर क्या बनाता है?
(a) आयनिक यौगिक | (b) हाइड्रोकार्बन | (c) हैलोजन | (d) अम्लराज
Answer: (b) हाइड्रोकार्बन
Q6. वायुमंडल में CO2 गैस की उपस्थिति कितनी है?
(a) 0.01% | (b) 0.05% | (c) 0.03% | (d) 0.02%
Answer: (c) 0.03%
Q7. कार्बोक्सिलिक एसिड (Carboxylic acid) समूह कौन सा है?
(a) -CHO | (b) -COOH | (c) -CO | (d) -OH
Answer: (b) -COOH
Q8. इथाइल अल्कोहल का अणुसूत्र क्या है?
(a) CH3OH | (b) C2H5OH | (c) C2H6OH | (d) C2H2OH
Answer: (b) C2H5OH
Q9. निम्न में से कौन सा यौगिक ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है?
(a) इथेनॉल | (b) प्रोपेनॉल | (c) इथेनोइक अम्ल | (d) इनमें से सभी
Answer: (a) इथेनॉल
Q10. ग्लूकोज का रासायनिक सूत्र क्या है?
(a) C2H5OH | (b) C6H12O6 | (c) C6H6 | (d) C6H12O5
Answer: (b) C6H12O6
Q11. हीरा और ग्रेफाइट कार्बन के क्या हैं?
(a) समावयवी | (b) समस्थानिक | (c) अपरूप | (d) बहुलक
Answer: (c) अपरूप
Q12. ऐल्डिहाइड (Aldehyde) प्रकार्यात्मक समूह का सूत्र क्या है?
(a) -OH | (b) -CHO | (c) -COOH | (d) -CO-
Answer: (b) -CHO
Q13. सिरका (Vinegar) में कौन सा अम्ल पाया जाता है?
(a) लैक्टिक अम्ल | (b) सिट्रिक अम्ल | (c) ऐसिटिक अम्ल (इथेनोइक अम्ल) | (d) टार्टरिक अम्ल
Answer: (c) ऐसिटिक अम्ल (इथेनोइक अम्ल)
Q14. वह प्रक्रम जिसके द्वारा कार्बन और हाइड्रोजन के यौगिक बनते हैं, क्या कहलाता है?
(a) हाइड्रोजनीकरण | (b) ऑक्सीकरण | (c) अवकरण | (d) दहन
Answer: (a) हाइड्रोजनीकरण
Q15. साबुन बनाने की प्रक्रिया को क्या कहा जाता है?
(a) हाइड्रोजनीकरण | (b) साबुनीकरण (Saponification) | (c) बहुलकीकरण | (d) ऑक्सीकरण
Answer: (b) साबुनीकरण (Saponification)

वर्णनात्मक प्रश्न-उत्तर (Subjective Questions)

Q1. कार्बन के वे दो गुणधर्म कौन से हैं जिनके कारण हमारे चारों ओर कार्बन यौगिकों की विशाल संख्या दिखाई देती है?
Ans. कार्बन यौगिकों की विशाल संख्या के दो मुख्य कारण हैं:
1) श्रृंखलन (Catenation): कार्बन में कार्बन के ही अन्य परमाणुओं के साथ आबंध बनाने की अद्वितीय क्षमता होती है, जिससे बड़ी संख्या में अणु बनते हैं。
2) चतुःसंयोजकता (Tetravalency): कार्बन की संयोजकता 4 होती है। इसलिए यह कार्बन के चार अन्य परमाणुओं अथवा अन्य एक संयोजक तत्वों के परमाणुओं के साथ आबंध बना सकता है।
Q2. समजातीय श्रेणी (Homologous Series) क्या है? उदाहरण के साथ समझाएं।
Ans. यौगिकों की ऐसी श्रृंखला जिसमें कार्बन श्रृंखला में स्थित हाइड्रोजन को एक ही प्रकार का प्रकार्यात्मक समूह (Functional group) प्रतिस्थापित करता है, उसे समजातीय श्रेणी कहते हैं। इस श्रेणी के किन्हीं भी दो क्रमागत सदस्यों के आणविक सूत्रों के बीच -CH2 का अंतर होता है।
उदाहरण: ऐल्कोहॉल की समजातीय श्रेणी: CH3OH, C2H5OH, C3H7OH आदि।
Q3. हाइड्रोकार्बन क्या हैं? ये कितने प्रकार के होते हैं?
Ans. वैसे यौगिक जो केवल कार्बन और हाइड्रोजन से मिलकर बने होते हैं, हाइड्रोकार्बन कहलाते हैं। ये मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं:
1) संतृप्त हाइड्रोकार्बन (Saturated): जिनमें कार्बन परमाणुओं के बीच केवल एकल आबंध (Single bond) होता है। (उदा: एल्केन)
2) असंतृप्त हाइड्रोकार्बन (Unsaturated): जिनमें कार्बन परमाणुओं के बीच द्वि-आबंध (Double bond) या त्रि-आबंध (Triple bond) होता है। (उदा: एल्कीन और एल्काइन)
Q4. समावयवता (Isomerism) किसे कहते हैं?
Ans. ऐसे यौगिक जिनके आणविक सूत्र (Molecular formula) तो समान होते हैं, लेकिन उनकी संरचनात्मक सूत्र (Structural formula) भिन्न-भिन्न होते हैं, समावयव कहलाते हैं। इस घटना को समावयवता कहते हैं। जैसे: ब्यूटेन (C4H10) के दो समावयव होते हैं – नॉर्मल ब्यूटेन और आइसो-ब्यूटेन।
Q5. हाइड्रोजनीकरण (Hydrogenation) क्या है? इसका औद्योगिक अनुप्रयोग क्या है?
Ans. पैलेडियम अथवा निकेल जैसे उत्प्रेरकों की उपस्थिति में असंतृप्त हाइड्रोकार्बन (जैसे वनस्पति तेल) में हाइड्रोजन जोड़कर संतृप्त हाइड्रोकार्बन (जैसे वनस्पति घी) बनाने की प्रक्रिया को हाइड्रोजनीकरण कहते हैं।
औद्योगिक अनुप्रयोग: इस प्रक्रिया का उपयोग उद्योगों में वनस्पति तेलों (Liquid) से वनस्पति घी (ठोस) बनाने में किया जाता है।
Q6. साबुन और अपमार्जक (Detergents) में क्या अंतर है?
Ans. साबुन: यह लंबी श्रृंखला वाले कार्बोक्सिलिक अम्लों के सोडियम या पोटैशियम लवण होते हैं। साबुन कठोर जल में प्रभावी रूप से सफाई नहीं कर पाते हैं।
अपमार्जक: यह लंबी श्रृंखला वाले कार्बोक्सिलिक अम्लों के अमोनियम एवं सल्फोनेट लवण होते हैं। अपमार्जक कठोर जल में भी अच्छी तरह से सफाई (झाग) कर सकते हैं।
Q7. मिसेल (Micelle) क्या है? साबुन सफाई कैसे करता है?
Ans. साबुन के अणु के दो सिरे होते हैं—एक जलरागी सिरा (जो जल में घुलता है) और दूसरा जलविरागी सिरा (जो तेल या मैल में घुलता है)। जब साबुन पानी में डाला जाता है, तो जलविरागी सिरे मैल (गंदगी) को चारों तरफ से घेर लेते हैं और एक गोलाकार संरचना बनाते हैं जिसे ‘मिसेल’ कहते हैं। पानी से धोने पर ये मिसेल पानी के साथ बह जाते हैं और कपड़े साफ हो जाते हैं।
Q8. ऑक्सीकारक (Oxidising Agents) क्या हैं? एक उदाहरण दें।
Ans. वे पदार्थ जो अन्य पदार्थों को ऑक्सीजन देने की क्षमता रखते हैं, ऑक्सीकारक कहलाते हैं।
उदाहरण: क्षारीय पोटैशियम परमैंगनेट (KMnO4) या अम्लीकृत पोटैशियम डाइक्रोमेट (K2Cr2O7) एल्कोहॉल को कार्बोक्सिलिक अम्ल में ऑक्सीकृत कर देते हैं।
Q9. एथेनॉल के कुछ महत्वपूर्ण उपयोग बताएँ।
Ans. एथेनॉल (C2H5OH) के प्रमुख उपयोग निम्नलिखित हैं:
1) यह एक अच्छा विलायक है, इसलिए इसका उपयोग टिंचर आयोडीन, कफ सीरप और टॉनिक आदि औषधियों में होता है।
2) इसका उपयोग पीने वाले एल्कोहलिक पेय (शराब) बनाने में किया जाता है।
3) उद्योगों में इसे ईंधन के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है।
Q10. सहसंयोजक आबंध (Covalent Bond) किसे कहते हैं? कार्बन सहसंयोजक आबंध क्यों बनाता है?
Ans. दो परमाणुओं के बीच इलेक्ट्रॉनों की साझेदारी (Sharing) के द्वारा बनने वाले आबंध को सहसंयोजक आबंध कहते हैं।
कार्बन की बाहरी कक्षा में 4 इलेक्ट्रॉन होते हैं (संयोजकता 4)। उत्कृष्ट गैस विन्यास प्राप्त करने के लिए इसे 4 इलेक्ट्रॉन प्राप्त करने या खोने की आवश्यकता होती है, जो ऊर्जा के दृष्टिकोण से बहुत कठिन है। इसलिए, कार्बन अपने या अन्य तत्वों के परमाणुओं के साथ इलेक्ट्रॉनों की साझेदारी करके सहसंयोजक आबंध बनाता है।
Q11. कार्बन आयनिक यौगिक का निर्माण क्यों नहीं करता है?
Ans. कार्बन आयनिक यौगिक का निर्माण नहीं करता है इसके दो कारण निम्नलिखित हैं:
1) कार्बन परमाणुओं के बीच प्रबल आकर्षण बल नहीं होता है।
2) ये यौगिक विद्युत के कुचालक होते हैं।
Q12. शृंखलन किसे कहते है?
Ans. कार्बन परमाणुओं में कार्बन के ही अन्य परमाणुओं के साथ आबन्ध बनाने की अद्वितीय क्षमता होती है जिससे बड़ी संख्या में अणु बनते हैं, इस गुण को शृंखलन कहते हैं। उदाहरण: सिलिकॉन तथा हाइड्रोजन, कार्बन।
Q13. असंतृप्त यौगिक किसे कहते है?
Ans. कार्बन परमाणुओं के बीच द्विआबंध अथवा त्रिआबंध वाले कार्बन के यौगिक को असंतृप्त यौगिक कहते हैं।
Q14. संतृप्त हाइड्रोकार्बन किसे कहते है?
Ans. वैसे हाइड्रोकार्बन जिनमें कार्बन परमाणुओं की संयोजकता आपस में केवल एकल आबंध (Single bond) के द्वारा जुड़ी रहती है, उसे संतृप्त हाइड्रोकार्बन कहते हैं।
Q15. समजातीय श्रेणी किसे कहते है?
Ans. कार्बन यौगिकों की वह श्रेणी जिसके सभी सदस्यों में एक ही प्रकार्यात्मक समूह रहता है और जिसके किन्हीं भी दो क्रमागत सदस्यों के आणविक सूत्रों के बीच सदैव –CH2 का अंतर रहता है, उसे समजातीय श्रेणी कहते हैं। जैसे- CH4 तथा C2H6 में –CH2 का अंतर है।
Q16. निम्न का IUPAC नाम लिखें:
Ans.
सामान्य नाम (Common Name) IUPAC नाम
1. एसिटोन प्रोपेनोन
2. मिथाइल ब्रोमाइड ब्रोमो मेथेन
3. एसिटिक अम्ल एथेनॉइक अम्ल
Q17. निम्न यौगिकों की संरचना (Structural Formulas) बताएं-
1. एथेनॉइक अम्ल
2. ब्रोमोपेंटेन
3. ब्यूटेनोन
4. हेक्सेनैल
Ans. इन यौगिकों की संरचना निम्नलिखित है:
1. एथेनॉइक अम्ल (Ethanoic Acid) – CH3COOH
H O | || H – C – C – OH | H
2. ब्रोमोपेंटेन (Bromopentane) – C5H11Br
H H H H H | | | | | H – C – C – C – C – C – Br | | | | | H H H H H
3. ब्यूटेनोन (Butanone) – CH3COCH2CH3
H O H H | || | | H – C – C – C – C – H | | | H H H
4. हेक्सेनैल (Hexanal) – C5H11CHO
H H H H H O | | | | | || H – C – C – C – C – C – C – H | | | | | H H H H H
Q18. सहसंयोजक आबन्ध क्या है? सहसंयोजक बंधन बनाने वाले दो यौगिकों के नाम लिखें।
Ans. दो परमाणुओं के बीच इलेक्ट्रॉन के एक युग्म की साझेदारी (Sharing) के फलस्वरूप बनने वाले आबन्ध को सहसंयोजी आबन्ध कहते हैं।
दो यौगिक: (1) CH4 (मीथेन) (2) NH3 (अमोनिया)
Q19. सहसंयोजी आबन्ध वाले यौगिक के लक्षण लिखें।
Ans. सहसंयोजी आबन्ध वाले यौगिक के मुख्य लक्षण निम्नलिखित हैं:
1) इनमें क्वथनांक व गलनांक कम होते हैं।
2) ये सामान्यतः गैस या द्रव अवस्था में होते हैं।
3) ये ऊष्मा और विद्युत के कुचालक होते हैं।
Q20. कार्बन आयनिक यौगिक का निर्माण क्यों नहीं करता?
Ans. कार्बन के आयनिक यौगिक का निर्माण न करने के मुख्य कारण हैं:
1) कार्बन परमाणुओं के बीच प्रबल आकर्षण बल नहीं होता है।
2) इलेक्ट्रॉन को पूरी तरह से त्यागने या ग्रहण करने में अत्यधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है।
3) ये यौगिक विद्युत के कुचालक होते हैं।

5 अंक स्तरीय प्रश्न तथा उत्तर (Long Answer Type)

Q21. हाइड्रोकार्बन क्या है? संतृप्त और असंतृप्त हाइड्रोकार्बन में अंतर लिखें।
Ans. हाइड्रोजन एवं कार्बन से बने यौगिकों को हाइड्रोकार्बन कहते हैं। संतृप्त और असंतृप्त हाइड्रोकार्बन में अंतर निम्नलिखित है:
संतृप्त हाइड्रोकार्बन (Saturated) असंतृप्त हाइड्रोकार्बन (Unsaturated)
1. वैसे हाइड्रोकार्बन जिनमें कार्बन परमाणुओं की चारों संयोजकताएं केवल एकल बंधन (Single bond) द्वारा संतुष्ट रहती हैं, उसे संतृप्त हाइड्रोकार्बन कहते हैं। 1. वैसे हाइड्रोकार्बन जिनमें दो कार्बन परमाणुओं के बीच द्विआबंध (Double) या त्रिआबंध (Triple bond) होता है, उसे असंतृप्त हाइड्रोकार्बन कहते हैं।
2. ये बहुत कम अभिक्रियाशील होते हैं। 2. ये अधिक अभिक्रियाशील होते हैं।
3. इसका सामान्य सूत्र CnH2n+2 होता है, जहां n = 1, 2, 3… आदि। 3. इसमें द्विबन्ध वाले का सामान्य सूत्र CnH2n होता है और त्रिबंध वाले का CnH2n-2 होता है। जहां n = 2, 3, 4… आदि।
4. इन्हें एल्केन (Alkane) कहते हैं। 4. इसमें द्विबन्ध वाले को एल्कीन (Alkene) एवं त्रिबंध वाले को एल्काइन (Alkyne) कहते हैं।
5. इसका प्रथम सदस्य मेथेन (Methane) है। 5. इसमें द्विबन्ध वाले का प्रथम सदस्य एथीन (Ethene) और त्रिबंध वाले का एथाइन (Ethyne) है।
Q22. मिसेल क्या है? जब साबुन को जल में डाला जाता है तो मिसेल का निर्माण क्यों होता है? क्या एथेनॉल जैसे दूसरे विलायकों में भी मिसेल का निर्माण होगा?
Ans. मिसेल (Micelle): साबुन को जल में घोलने पर साबुन के अणु एकत्रित होकर गुच्छों का रूप धारण कर लेते हैं, जिसमें लंबी कार्बन श्रृंखला वाला भाग गुच्छे के आंतरिक हिस्से में होता है और आयनिक भाग सतह पर होता है। इस गोलाकार संरचना को मिसेल कहते हैं。

साबुन के अणु के 2 मुख्य भाग होते हैं- एक जलरागी (Hydrophilic) और दूसरा जलविरागी (Hydrophobic)। कार्बन श्रृंखला वाला भाग जलविरागी होता है, जबकि आयनिक भाग (सोडियम या पोटेशियम) जलरागी होता है। जब इन्हें पानी जैसे ध्रुवीय विलायक में डाला जाता है, तो जलरागी भाग पानी की ओर (बाहर) आकर्षित होता है और जलविरागी भाग पानी से दूर (अंदर की ओर) रहता है। इसी विशेष व्यवस्था के कारण मिसेल बनते हैं。

एथेनॉल एक अध्रुवीय विलायक है, अतः इसमें जलरागी भाग के लिए आकर्षण नहीं होता है। इसलिए, एथेनॉल में साबुन घोलने पर मिसेल का निर्माण नहीं होगा।
Q23. रासायनिक संघटन के आधार पर साबुन और अपमार्जक में अंतर लिखें।
Ans. रासायनिक संघटन के आधार पर साबुन और अपमार्जक में प्रमुख अंतर:
साबुन (Soap) अपमार्जक (Detergent)
1. यह उच्च वसा अम्लों (Fatty acids) के सोडियम या पोटैशियम लवण हैं। 1. यह लंबी शृंखला वाले सल्फॉनिक अम्लों के सोडियम लवण हैं।
2. इसका आयनिक सिरा -COONa+ होता है। 2. इसका आयनिक सिरा -SO3Na+ या -SO4Na+ होता है।
3. इसका जैव अपघटन (Biodegradation) आसानी से हो जाता है। इसलिए यह जल प्रदूषण उत्पन्न नहीं करते हैं। 3. इसका जैव अपघटन आसानी से नहीं होता है। इसलिए यह जल प्रदूषण उत्पन्न कर सकते हैं।
4. यह कठोर जल में कठिनाई से झाग देता है। 4. यह कठोर जल में भी आसानी से झाग देता है।
5. इसमें आर्द्रता का गुण कम पाया जाता है। 5. इसमें आर्द्रता का गुण अधिक पाया जाता है।
Q24. साबुन की सफाई प्रक्रिया की क्रियाविधि समझाएं।
Ans. साबुन के अणु ऐसे होते हैं जिनके दोनों सिरों के गुणधर्म अलग-अलग होते हैं। जल में विलेय सिरे को जलरागी (Hydrophilic) कहते हैं तथा हाइड्रोकार्बन (मैल या तेल) में विलेय सिरे को जलविरागी (Hydrophobic) कहते हैं。

जब साबुन जल की सतह पर होता है, तब इसके अणु अपने को इस प्रकार व्यवस्थित कर लेते हैं कि इसका आयनिक सिरा जल के अंदर होता है जबकि हाइड्रोकार्बनिक पूँछ (दूसरा छोर) जल के बाहर होती है। जल के अंदर इन अणुओं का एक बड़ा गुच्छा बन जाता है, जिससे जलविरागी पूँछ गुच्छे के आंतरिक हिस्से (केंद्र) में होती है जबकि उसका आयनिक सिरा सतह पर होता है। इस संरचना को ‘मिसेल’ कहते हैं。

तैलीय मैल (गंदगी) मिसेल के केंद्र में एकत्र हो जाती है। मिसेल विलयन में कोलाइड के रूप में बने रहते हैं तथा आयन-आयन विकर्षण के कारण वे अवक्षेपित नहीं होते। इस प्रकार साबुन का मिसेल मैल को पानी में घुलाकर बाहर निकाल देता है और कपड़े साफ हो जाते हैं।
Q25. कार्बन मुख्यतः सहसंयोजी यौगिक क्यों बनाता है?
Ans. कार्बन की परमाणु संख्या 6 है। इसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2,4 होता है। इसकी बाहरी कक्षा (Valence shell) में 4 इलेक्ट्रॉन होते हैं जो नाभिक के साथ मजबूती से बंधे रहते हैं।

उत्कृष्ट (अक्रिय) गैस जैसी स्थायी संरचना प्राप्त करने के लिए इसे 4 इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने (C4- ऋणायन बनाने) या 4 इलेक्ट्रॉन त्यागने (C4+ धनायन बनाने) की आवश्यकता होती है, जिसके लिए अत्यधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है और यह संभव नहीं है। अतः, कार्बन परमाणु अन्य परमाणुओं के साथ अपने इलेक्ट्रॉनों का साझा (Sharing) करके ही स्थायी संरचना प्राप्त कर सकता है। इसी कारण कार्बन परमाणु हमेशा इलेक्ट्रॉनों की साझेदारी करके सहसंयोजी आबंध (Covalent bond) बनाता है।