झारखण्ड का इतिहास (Jharkhand ka Itihas) – JPSC/JSSC के लिए Best Notes! 2026

झारखण्ड का इतिहास (Jharkhand ka Itihas) भारत के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पन्नों में एक विशेष स्थान रखता है। यदि आप JPSC, JSSC या किसी अन्य प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो झारखण्ड का इतिहास समझना आपके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्राचीन काल के ‘पुण्ड्र देश’ से लेकर 15 नवंबर 2000 को एक स्वतंत्र राज्य के रूप में उभरने तक, इस प्रदेश का सफर संघर्ष और वीरता की कहानियों से भरा है। इस लेख में हम झारखण्ड के नामकरण, प्रमुख राजवंशों और जनजातीय आंदोलनों के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे।

Jharkhand ka Itihas: Namankaran

📜 झारखण्ड का नामकरण एवं प्राचीन नाम

झारखण्ड का शाब्दिक अर्थ है – ‘झाड़ियों का प्रदेश’। प्राचीन काल से ही विभिन्न साहित्यिक स्रोतों में इस क्षेत्र को अलग-अलग नामों से पुकारा गया है:

साहित्यिक स्रोत / काल दिया गया नाम
ऐतरेय ब्राह्मण पुण्ड्र (Pundra) या पुण्ड्र
ऋग्वेद किकाट प्रदेश
अथर्ववेद व्रात्य
वायु पुराण मुरण्ड
विष्णु पुराण मुण्ड
भागवत पुराण किकट प्रदेश
महाभारत (दिग्विजय पर्व) पुण्डरीक देश / पशुभूमि
समुद्रगुप्त की प्रयाग प्रशस्ति मुरुण्ड देश
फाह्यान (चीनी यात्री) कुक्कुट लाड
ह्वेनसांग (चीनी यात्री) की-लो-ना-सू-फा-ला-ना (कर्ण सुवर्ण)
मुगल काल में खुखरा / कोकरा

💡 क्या आप जानते हैं?

‘झारखण्ड’ शब्द का प्रथम पुरातात्विक प्रमाण 13वीं सदी के एक ताम्रपत्र में मिलता है।

🏛️ झारखण्ड का प्राचीन इतिहास

मौर्य काल

कौटिल्य के अर्थशास्त्र में इस क्षेत्र को ‘कुक्कुट’ या ‘कुक्कुट देश’ कहा गया है। यहाँ से हाथियों की आपूर्ति की जाती थी।

गुप्त काल

समुद्रगुप्त की प्रयाग प्रशस्ति में झारखण्ड को ‘मुरुण्ड देश’ कहा गया है। इस दौरान यहाँ कई मंदिरों का निर्माण हुआ।

👑 झारखण्ड के प्रमुख राजवंश एवं शासन क्षेत्र

झारखण्ड के इतिहास में विभिन्न क्षेत्रों पर शासन करने वाले प्रमुख वंशों की सूची:

क्र.सं. राजवंश का नाम शासन क्षेत्र (Location) संस्थापक / प्रमुख शासक
1 मुण्डा राज सुतियाम्बे (छोटानागपुर खास) रीसा मुण्डा / सुतिया पाहन
2 नागवंश छोटानागपुर खास क्षेत्र फणिमुकुट राय (आदि पुरुष)
3 पलामू का रक्सैल वंश पलामू क्षेत्र रक्सैल शासक
4 चेरो वंश पलामू क्षेत्र (रक्सैलों को हराकर) भगवत राय
5 सिंह वंश सिंहभूम (पोरहाट) काशीनाथ सिंह / दर्प नारायण सिंह
6 मानवंश मानभूम (धनबाद/हजारीबाग) मान राजा
7 खड़गडीहा राज्य गिरिडीह / हजारीबाग क्षेत्र हंसराज देव
Note: झारखण्ड के इन राजवंशों ने यहाँ की संस्कृति और स्वाधीनता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इनमें नागवंशी शासक सबसे अधिक समय तक सत्ता में रहे।

⭐ महत्वपूर्ण तथ्य (Quick Facts)

  • झारखण्ड का शाब्दिक अर्थ है – ‘झाड़ियों या वनों का प्रदेश’
  • 13वीं सदी के एक ताम्रपत्र में पहली बार ‘झारखण्ड’ शब्द का उल्लेख मिला है।
  • मध्यकाल में इसे ‘खखरा’ के नाम से भी जाना जाता था।
  • चीनी यात्री फाह्यान ने इसे ‘कुक्कुट लाड’ कहा था।

Jharkhand ka Itihas: Janjatiya Vidroh

🔥 झारखण्ड के प्रमुख जनजातीय विद्रोह एवं आन्दोलन

अंग्रेजी हुकूमत और जमींदारों के खिलाफ झारखण्ड के वीरों का संघर्ष:

1771-1785

तिलका आन्दोलन

नेतृत्व: बाबा तिलका मांझी | क्षेत्र: भागलपुर (झारखण्ड-बिहार सीमा)

1831-1832

कोल विद्रोह

नेतृत्व: बुद्धू भगत | विशेष: झारखण्ड का पहला सुसंगठित व्यापक विद्रोह।

1855-1856

संथाल विद्रोह (हूल)

नेतृत्व: सिद्धू, कान्हू, चाँद और भैरव | क्षेत्र: संथाल परगना (दामिन-ए-कोह)

1895-1900

मुण्डा उलगुलान

नेतृत्व: भगवान बिरसा मुण्डा | लक्ष्य: ‘अबुआ दिशुम अबुआ राज’ की स्थापना।

1914

ताना भगत आन्दोलन

नेतृत्व: जतरा भगत | विशेष: यह पूर्णतः अहिंसक और सांस्कृतिक आन्दोलन था।

📝 परीक्षा की दृष्टि से: झारखण्ड राज्य निर्माण का संकल्प सबसे पहले 1912 में ‘क्रिश्चियन स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन’ द्वारा रखा गया था।

Jharkhand ka Itihas: Rajya ka Nirman

🏔️ झारखण्ड राज्य का निर्माण (Formation of Jharkhand)

1912 से 2000 तक का लम्बा संघर्ष और बिहार से अलग होने का सफर:

1

1912: शुरुआती बीज

जे. बार्थोलमन द्वारा ‘क्रिश्चियन स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन’ की स्थापना, जिसे झारखण्ड आन्दोलन की शुरुआत माना जाता है।

2

1950: झारखण्ड पार्टी

जयपाल सिंह मुंडा ने झारखण्ड पार्टी का गठन किया और अलग राज्य की मांग को राजनीति का हिस्सा बनाया।

3

1973: JMM का गठन

विनोद बिहारी महतो, शिबू सोरेन और ए.के. राय ने मिलकर ‘झारखण्ड मुक्ति मोर्चा’ बनाया जिससे आन्दोलन और तेज हुआ।

4

15 नवम्बर 2000: राज्य का उदय

बिरसा मुण्डा की जयंती पर झारखण्ड भारत के 28वें राज्य के रूप में अस्तित्व में आया।

प्रथम राज्यपाल: प्रभात कुमार
प्रथम मुख्यमंत्री: बाबूलाल मरांडी
विधानसभा अध्यक्ष: इन्दर सिंह नामधारी

Jharkhand ka Itihas: FAQs

❓ झारखण्ड का इतिहास: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1. ‘झारखण्ड’ शब्द का शाब्दिक अर्थ क्या है?
उत्तर: झारखण्ड का शाब्दिक अर्थ ‘झाड़ियों या वनों का प्रदेश’ (Land of Forests) है।

Q2. झारखण्ड शब्द का प्रथम पुरातात्विक उल्लेख कहाँ मिलता है?
उत्तर: झारखण्ड का प्रथम पुरातात्विक प्रमाण 13वीं सदी के एक ताम्रपत्र में मिलता है।

Q3. चीनी यात्री फाह्यान ने झारखण्ड को क्या नाम दिया था?
उत्तर: फाह्यान ने झारखण्ड क्षेत्र को ‘कुक्कुट लाड’ के नाम से संबोधित किया था।

Q4. झारखण्ड में अंग्रेजों का प्रवेश सबसे पहले किस क्षेत्र से हुआ?
उत्तर: अंग्रेजों का सर्वप्रथम प्रवेश 1767 ई. में सिंहभूम क्षेत्र से हुआ था।

Q5. ‘झारखण्ड का आदि पुरुष’ किसे कहा जाता है?
उत्तर: नागवंश के प्रथम शासक ‘फणिमुकुट राय’ को झारखण्ड का आदि पुरुष माना जाता है।

Q6. संथाल विद्रोह (हूल) कब और किसके नेतृत्व में हुआ?
उत्तर: यह विद्रोह 1855-56 में सिद्धू, कान्हू, चाँद और भैरव के नेतृत्व में संथाल परगना में हुआ था।

Q7. भगवान बिरसा मुण्डा का ‘उलगुलान’ विद्रोह किस वर्ष शुरू हुआ?
उत्तर: बिरसा मुण्डा का विद्रोह 1895 ई. में शुरू हुआ था, जिसका उद्देश्य स्वतंत्र मुण्डा राज की स्थापना था।

Q8. छोटानागपुर उन्नति समाज की स्थापना कब हुई थी?
उत्तर: इसकी स्थापना 1915 ई. में जुएल लकड़ा के नेतृत्व में हुई थी।

Q9. झारखण्ड राज्य निर्माण हेतु बिहार राज्य पुनर्गठन विधेयक कब पारित हुआ?
उत्तर: यह विधेयक अगस्त 2000 में लोकसभा और राज्यसभा द्वारा पारित किया गया था।

Q10. झारखण्ड भारत का कौन सा राज्य बना और इसके पहले मुख्यमंत्री कौन थे?
उत्तर: झारखण्ड भारत का 28वाँ राज्य बना और इसके पहले मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी थे।

🔗 महत्वपूर्ण लिंक्स:

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