Yurop Mein Rashtrawad Ka Uday: Class 10 History VVI Questions
क्या आप कक्षा 10 इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण अध्याय ‘Yurop Mein Rashtrawad Ka Uday’ (यूरोप में राष्ट्रवाद का उदय) की बेहतरीन तैयारी करना चाहते हैं? 19वीं सदी के दौरान यूरोप में हुए क्रांतिकारी बदलावों ने किस तरह छोटे-छोटे राज्यों को एक मजबूत ‘राष्ट्र’ में बदल दिया, यह जानना बहुत दिलचस्प है।
इस खास लेख में, हम आपके लिए बोर्ड परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाने वाले Yurop Mein Rashtrawad Ka Uday चैप्टर से जुड़े सभी अति-महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs), लघु और दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों का एक शानदार संग्रह लेकर आए हैं। परीक्षा में शानदार अंक प्राप्त करने के लिए इन VVI Questions को अंत तक जरूर पढ़ें!
बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
1. फ्रांस की क्रांति कब हुई थी?
2. नेपोलियन संहिता (Civil Code) किस वर्ष लागू की गई?
3. ‘यंग इटली’ (Young Italy) सोसायटी की स्थापना किसने की थी?
4. वियना कांग्रेस (1815) की मेजबानी किसने की थी?
5. जर्मनी के एकीकरण का प्रमुख निर्माता कौन था?
6. ‘जब फ्रांस छींकता है, तो बाकी यूरोप को सर्दी-जुकाम हो जाता है’, यह कथन किसका है?
7. जाल्वेराइन (Zollverein) क्या था?
8. 1832 की किस संधि ने यूनान को एक स्वतंत्र राष्ट्र की मान्यता दी?
9. फ्रैंकफर्ट संसद कहाँ आयोजित की गई थी?
10. ‘लाल कुर्ती’ (Red Shirts) नामक सेना का निर्माण किसने किया था?
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
राष्ट्र क्या है?
उदारवाद से आपका क्या तात्पर्य है?
नेपोलियन बोनापार्ट कौन था?
रूढ़िवादी कौन थे?
नारीवाद से क्या अभिप्राय है?
लघु उत्तरीय प्रश्न
काउंट कैमिलो दे कावूर पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखें।
उत्तर: काउंट कैमिलो दे कावूर इटली के सार्डनिया-पीडमोंट राज्य का प्रमुख मंत्री था। उसने इटली के विभिन्न क्षेत्रों के एकीकरण के लिए आंदोलन का नेतृत्व किया। वह ना तो क्रांतिकारी था ना ही डेमोक्रेट।
इतावली जातीय समूह के अनेक अन्य धनी और शिक्षित सदस्यों की भांति वह इतावली की अपेक्षा फ्रेंच भाषा को अधिक बेहतर ढंग से बोलता था। फ्रांस से उसके गहरे कूटनीतिक संबंध थे जिसकी सहायता से 1859 में उसने ऑस्ट्रिया को पराजित किया।
यूनानी स्वतंत्रता युद्ध पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखें।
उत्तर: 15 वीं सदी में यूनान ऑटोमन साम्राज्य का हिस्सा बना। यूरोप में राष्ट्रवाद से प्रेरणा पाकर यूनानियों ने 1821 ईसवी में स्वतंत्रता के लिए संघर्ष प्रारंभ किया। उस समय पश्चिमी यूरोप का भी समर्थन उसे प्राप्त था।
साहित्यकारों ने यूनान को यूरोपीय सभ्यता का पालक बताया तथा यूनानी संस्कृति का महिमामंडन किया। इस प्रकार यूनान एक मुस्लिम साम्राज्य के विरुद्ध संघर्ष करने को तैयार हो गया। यूनान के स्वतंत्रता संग्राम में रूमानी वाद को जोड़कर वहां के कवि और कलाकारों ने भी ऑटोमन साम्राज्य के विरुद्ध संघर्ष में हिस्सा लिया।
अंततः एक लंबे संघर्ष के बाद 1832 ईसवी में ‘कुस्तुनतुनिया की संधि’ के द्वारा यूनान को एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता प्राप्त हुई।
राष्ट्रवादी संघर्षो में महिलाओं की भूमिका पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखें।
उत्तर: राष्ट्रवादी संघर्ष में सारे संसार में महिलाओं ने बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। राष्ट्रवादी संघर्षो में महिलाओं ने बढ़ चढ़कर भाग लिया, फिर भी उदारवादी आंदोलन के अंदर महिलाओं को राजनीतिक अधिकार देने का मुद्दा विवादित था।
महिलाओं ने अपने राजनीतिक संगठन स्थापित किए, अखबार शुरू किए तथा राजनीतिक बैठकों में भाग लेना प्रारंभ किया। परिणाम यह हुआ कि महिला अधिकारों के प्रति उदारवादियों तथा शासकों के विचारों में परिवर्तन हुआ तथा महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक तथा राजनीतिक अधिकारों का मार्ग प्रशस्त हुआ।
फ्रैंकफर्ट संसद पर टिप्पणी लिखें।
उत्तर: 18 मई 1848 को 831 निर्वाचित प्रतिनिधियों ने एक सजे धजे जुलूस में जा रहे फ्रैंकफर्ट संसद में अपना स्थान ग्रहण किया। यह संसद सेंट पॉल चर्च में आयोजित हुई।
उन्होंने एक जर्मन राष्ट्र के लिए संविधान का प्रारूप तैयार किया। इस राष्ट्र की अध्यक्षता ऐसे राजा को सौंपी गई जिसे संसद के अधीन रहना था। संसद में मध्यवर्ग का प्रभाव अधिक था जिन्होंने मजदूरों और कारीगरों की मांगों का विरोध किया, जिससे वे उनका समर्थन खो बैठे। अंत में सैनिकों को बुलाया गया और असेंबली भंग होने पर मजबूर हुई।
