झारखण्ड का सामान्य परिचय: JSSC और JPSC के लिए महत्वपूर्ण Notes for successful career

झारखण्ड: एक दृष्टि में (महत्वपूर्ण तथ्य)

  • स्थापना दिवस: 15 नवंबर 2000 (भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर)
  • राजधानी: राँची
  • उप-राजधानी: दुमका (प्रस्तावित: मेदिनीनगर, चाईबासा, गिरिडीह)
  • भौगोलिक स्थिति: भारत के उत्तर-पूर्वी भाग में स्थित
  • कुल क्षेत्रफल: 79,714 वर्ग किलोमीटर (भारत के कुल क्षेत्रफल का 2.42%)
  • क्षेत्रफल की दृष्टि से देश में स्थान: 15वाँ
  • कुल जनसंख्या (2011 जनगणना): 3,29,88,134 (भारत की कुल जनसंख्या का 2.72%)
  • जनसंख्या की दृष्टि से देश में स्थान: 14वाँ
  • विधानसभा सीटों की संख्या: 81 (निर्वाचित)
  • लोकसभा सीटों की संख्या: 14 (SC-1, ST-5, अनारक्षित-8)
  • राज्यसभा सीटों की संख्या: 6

झारखण्ड की सीमाएं (पड़ोसी राज्य)

झारखण्ड की सीमाएं कुल 5 राज्यों को स्पर्श करती हैं:

  • उत्तर में: बिहार
  • दक्षिण में: ओडिशा
  • पूर्व में: पश्चिम बंगाल
  • पश्चिम में: छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश
नोट: झारखण्ड का गढ़वा एकमात्र ऐसा जिला है जो उत्तर प्रदेश की सीमा को छूता है।

झारखण्ड के राजकीय प्रतीक

  • राजकीय पशु: हाथी (वैज्ञानिक नाम: एलीफास मैक्सिमस)
  • राजकीय पक्षी: कोयल (वैज्ञानिक नाम: यूडायनेमिस स्कोलोपेसस)
  • राजकीय वृक्ष: साल/सखुआ (वैज्ञानिक नाम: शोरिया रोबस्टा)
  • राजकीय पुष्प: पलाश (वैज्ञानिक नाम: ब्यूटिया मोनोस्पर्मा)
  • नया राज्य चिह्न: 15 अगस्त 2020 से लागू (यह वृत्ताकार आकार का है, जिसमें अशोक स्तंभ, पलाश के फूल, हाथी और सौर चित्रकारी के नर्तक शामिल हैं)।

परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण वन-लाइनर

  • झारखण्ड का शाब्दिक अर्थ है – वन प्रदेश (जंगलों की भूमि)।
  • झारखण्ड निर्माण के समय राज्य में कुल 18 जिले थे, जबकि वर्तमान में 24 जिले हैं।
  • राज्य की सबसे लंबी और सबसे बड़ी नदी दामोदर नदी है, जिसे ‘बंगाल का शोक’ भी कहा जाता था।
  • झारखण्ड का सबसे ऊँचा पर्वत शिखर पारसनाथ (सम्मेद शिखर) है, जिसकी ऊँचाई 1365 मीटर (4478 फीट) है।
  • झारखण्ड को भारत का रूर प्रदेश (Ruhr of India) कहा जाता है क्योंकि यहाँ खनिज संपदा प्रचुर मात्रा में मौजूद है।

झारखण्ड के प्रथम (राजनीतिक और प्रशासनिक)

  • प्रथम राज्यपाल: प्रभात कुमार
  • प्रथम मुख्यमंत्री: बाबूलाल मरांडी (भाजपा)
  • प्रथम मुख्य न्यायाधीश: विनोद कुमार गुप्ता
  • प्रथम विधानसभा अध्यक्ष: इंदर सिंह नामधारी
  • प्रथम विपक्ष के नेता: स्टीफन मरांडी
  • प्रथम मुख्य सचिव: विजय शंकर दुबे
  • प्रथम पुलिस महानिदेशक (DGP): शिवाजी महान कैरे
  • प्रथम महिला कैबिनेट मंत्री: जोबा मांझी

झारखण्ड के प्रथम (पुरस्कार और सम्मान)

  • प्रथम परमवीर चक्र प्राप्तकर्ता: अल्बर्ट एक्का
  • प्रथम अशोक चक्र प्राप्तकर्ता: रणधीर वर्मा
  • प्रथम अंतर्राष्ट्रीय आदिवासी महिला हॉकी खिलाड़ी: सावित्री पूर्ति
  • प्रथम अंतर्राष्ट्रीय महिला अंपायर: आश्रिता लकड़ा

झारखण्ड के प्रथम (शिक्षा, उद्योग और अन्य)

  • प्रथम विश्वविद्यालय: राँची विश्वविद्यालय
  • प्रथम चिकित्सा महाविद्यालय: राजेन्द्र चिकित्सा महाविद्यालय (RIMS), राँची
  • प्रथम इस्पात कारखाना: टाटा आयरन एंड स्टील कंपनी (TISCO), जमशेदपुर
  • प्रथम ताँबा कारखाना: घाटशिला
  • प्रथम बिजली घर: तिलैया (दामोदर घाटी निगम के तहत)
  • प्रथम रेलमार्ग: राजमहल से हावड़ा
  • एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने वाली प्रथम महिला: प्रेमलता अग्रवाल

झारखण्ड की भौगोलिक स्थिति एवं विस्तार

  • अक्षांशीय विस्तार (Latitudinal Extent): 21°58’10” उत्तरी अक्षांश से 25°19’15” उत्तरी अक्षांश तक।
  • देशांतरीय विस्तार (Longitudinal Extent): 83°19’50” पूर्वी देशांतर से 87°57’40” पूर्वी देशांतर तक।
  • राज्य की लंबाई (उत्तर से दक्षिण): 380 किलोमीटर
  • राज्य की चौड़ाई (पूर्व से पश्चिम): 463 किलोमीटर
  • भौगोलिक स्वरूप: झारखण्ड मुख्य रूप से छोटानागपुर के पठार पर स्थित है, जो प्रायद्वीपीय पठार का उत्तर-पूर्वी भाग है।

झारखण्ड का धरातलीय स्वरूप

झारखण्ड को मुख्य रूप से 4 धरातलीय भागों में बाँटा गया है:

  • पाट क्षेत्र (पश्चिमी पठार): यह झारखण्ड का सबसे ऊँचा भू-भाग है (पारसनाथ को छोड़कर)। ‘पाट’ का अर्थ है समतल जमीन। औसत ऊँचाई: 900-1100 मीटर। नेतरहाट इसी क्षेत्र में आता है।
  • राँची का पठार: यह झारखण्ड का सबसे बड़ा पठारी भाग है। इसकी औसत ऊँचाई 600 मीटर है। यहाँ कई जलप्रपात (जैसे- हुंडरू, जोन्हा) पाए जाते हैं।
  • हजारीबाग का पठार: इसे दो भागों में बाँटा गया है- ऊपरी हजारीबाग का पठार और निचला हजारीबाग का पठार। पारसनाथ की पहाड़ी निचले हजारीबाग पठार में स्थित है।
  • राजमहल की पहाड़ियाँ और मैदानी क्षेत्र: यह राज्य के उत्तर-पूर्वी भाग (संथाल परगना) में स्थित है। यहाँ काली मिट्टी पाई जाती है।

झारखण्ड की जलवायु एवं मिट्टियाँ

  • जलवायु का प्रकार: झारखण्ड की जलवायु उष्णकटिबंधीय मानसूनी है।
  • औसत वर्षा: राज्य में औसत वार्षिक वर्षा 140 सेंटीमीटर होती है।
  • मुख्य मिट्टी: झारखण्ड के लगभग 90% भाग पर लाल मिट्टी पाई जाती है।
  • काली मिट्टी (रेगुर मिट्टी): यह मुख्य रूप से राजमहल ट्रैप क्षेत्र में पाई जाती है, जो चने और धान की खेती के लिए उपयुक्त है।

परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण वन-लाइनर (भूगोल)

  • झारखण्ड का सबसे ठंडा स्थान और सर्वाधिक वर्षा वाला स्थान नेतरहाट (लातेहार) है।
  • राज्य का सबसे गर्म स्थान जमशेदपुर है।
  • झारखण्ड की सबसे लंबी, सबसे बड़ी और सबसे प्रदूषित नदी दामोदर नदी है।
  • स्वर्णरेखा नदी झारखण्ड की एकमात्र ऐसी नदी है जो स्वतंत्र रूप से बंगाल की खाड़ी में गिरती है।
  • झारखण्ड का सबसे ऊँचा जलप्रपात बूढ़ाघाघ (लोध जलप्रपात) है, जो लातेहार जिले में बूढ़ा नदी पर स्थित है।
  • कर्क रेखा (Tropic of Cancer) झारखण्ड के राँची जिले के बिल्कुल बीचों-बीच (कांके) से होकर गुजरती है।

झारखण्ड के स्वतंत्रता सेनानी एवं जननायक

  • भगवान बिरसा मुंडा: जन्म 15 नवंबर 1875 (उलिहातू गाँव)। इन्हें ‘धरती आबा’ कहा जाता है। ये 1895-1900 के ‘उलगुलान’ (महान हलचल) विद्रोह के मुख्य प्रणेता थे।
  • तिलका माँझी: इन्हें झारखण्ड का ‘प्रथम स्वतंत्रता सेनानी’ माना जाता है। इन्होंने 1784 में अंग्रेज अधिकारी क्लीवलैंड को तीर से मार गिराया था। 1785 में इन्हें भागलपुर में बरगद के पेड़ पर फाँसी दी गई।
  • सिद्धू-कान्हू: 1855 के प्रसिद्ध ‘संथाल विद्रोह’ (हूल विद्रोह) के मुख्य नेता। इनका नारा था- ‘करो या मरो, अंग्रेजों हमारी माटी छोड़ो’।
  • अल्बर्ट एक्का: 1971 के भारत-पाक युद्ध में अदम्य साहस दिखाते हुए शहीद हुए। इन्हें मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च सैन्य सम्मान ‘परमवीर चक्र’ से सम्मानित किया गया।

खेल जगत की प्रमुख हस्तियाँ

  • जयपाल सिंह मुंडा: 1928 के एम्स्टर्डम ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय हॉकी टीम के कप्तान। इन्हें ‘मारंग गोमके’ (बड़े गुरुजी) के नाम से जाना जाता है।
  • महेन्द्र सिंह धोनी: राँची में जन्मे भारत के पूर्व सफलतम क्रिकेट कप्तान। इन्हें पद्म भूषण, पद्म श्री और राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।
  • दीपिका कुमारी: राँची की विश्व प्रसिद्ध तीरंदाज (Archery)। इन्होंने कई अंतर्राष्ट्रीय स्वर्ण पदक जीते हैं और पद्म श्री से सम्मानित हैं।
  • सलीमा टेटे: सिमडेगा की प्रसिद्ध हॉकी खिलाड़ी, जिन्होंने टोक्यो ओलंपिक में भारतीय महिला हॉकी टीम के लिए शानदार प्रदर्शन किया।

कला, साहित्य और समाज सेवा

  • डॉ. रामदयाल मुंडा: प्रसिद्ध शिक्षाविद्, साहित्यकार और राज्यसभा सांसद। झारखण्डी संस्कृति को विश्व पटल पर पहचान दिलाने के लिए इन्हें पद्म श्री दिया गया।
  • मुकुंद नायक: झारखण्ड के लोक गायक और नर्तक (मर्दानी झूमर विशेषज्ञ)। इन्हें ‘प्रिंस ऑफ छोटानागपुर’ कहा जाता है। पद्म श्री और संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित।
  • सिमोन उराँव: जल संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए जाने जाते हैं। इन्हें झारखण्ड का ‘जल पुरुष’ (Waterman of Jharkhand) कहा जाता है। पद्म श्री से सम्मानित।

प्रमुख व्यक्तित्वों के उपनाम (One-Liners)

  • धरती आबा — भगवान बिरसा मुंडा
  • मारंग गोमके (बड़े गुरुजी) — जयपाल सिंह मुंडा
  • दिशोम गुरु / गुरुजी — शिबू सोरेन
  • छोटानागपुर केसरी — राम नारायण सिंह
  • माही / कैप्टन कूल — महेन्द्र सिंह धोनी

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